डीएम ने दिया चेतावनी :- कार्य नहीं दिखा तो वापस ली जाएगी भूमि

कुशीनगर: जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने कहा कि बहुचर्चित मैत्रेय परियोजना पर यदि छह माह के अंदर कार्य नहीं दिखा तो वापस ली जाएगी भूमि

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कुशीनगर: जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने कहा कि बहुचर्चित मैत्रेय परियोजना पर यदि छह माह के अंदर कार्य नहीं दिखा तो सरकार द्वारा ट्रस्ट को दी गई भूमि वापस ले ली जाएगी। ट्रस्ट को शासन की मंशा बता दी गई है। जिलाधिकारी सोमवार को कुशीनगर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कहा कि परियोजना के लिए राज्य संस्कृति विभाग ने ट्रस्ट को 250 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। यह जमीन किसानों से अधिग्रहीत की गई। 13 दिसंबर 2013 को तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने परियोजना का शिलान्यास किया था।


परियोजना के तहत बुद्ध की 250 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा सहित पर्यटन विकास के अनेक आधारभूत कार्य मसलन मेडिटेशन सेंटर, विश्वविद्यालय, अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त चिकित्सा केंद्र आदि की स्थापना करने का दावा किया गया था, पर शिलान्यास के पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी ट्रस्ट कोई ठोस कार्य नहीं शुरू कर पाया है। 2013 के पूर्व परियोजना के लिए अधिग्रहीत भूमि को लेकर किसान व प्रशासन आमने-सामने रहे। कई बार किसानों से विवाद हुआ। इसके चलते सरकार अधिग्रहीत 650 एकड़ भूमि के सापेक्ष मात्र 250 एकड़ भूमि का मुआवजा देकर ले पाई। 400 एकड़ भूमि अब भी विवाद के घेरों में है। विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष उठाया था, तब प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया, ताजा कार्रवाई इसी का परिणाम है।

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